Karim City College

करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा सफल रक्तदान शिविर का आयोजन

जमशेदपुर। करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा समाज सेवा एवं मानवता के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए जमशेदपुर ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर डॉ. शाहबाज़ आलम, निलेश सोरेन, सुशांत बोबोंगा, जयकृष्ण धारा, यश आनंद, प्रणव कुमार मुंडा, किशन महतो सहित अन्य स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज़, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शहबाज़ अंसारी तथा एनएसएस समन्वयक सैयद साजिद परवेज़ की विशेष उपस्थिति रही। प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज़ ने रक्तदाताओं एवं स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान न केवल एक महान सामाजिक दायित्व है, बल्कि यह किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम भी है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने तथा समाज में सेवा और मानवता की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में डॉ. शहबाज़ अंसारी ने कहा, “रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकता है। युवाओं को नियमित रूप से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।”
शिविर में एनएसएस स्वयंसेवकों ने न केवल रक्तदान किया, बल्कि उपस्थित लोगों को रक्तदान के लाभ, पात्रता, सुरक्षा एवं इससे जुड़े विभिन्न भ्रांतियों के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने आम नागरिकों से समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान जमशेदपुर ब्लड बैंक के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने सभी रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच कर सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से रक्त संग्रह किया। रक्तदान के उपरांत सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र तथा आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. शहबाज़ अंसारी ने सभी रक्तदाताओं, स्वयंसेवकों एवं जमशेदपुर ब्लड बैंक की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में मानवता, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करते हैं। वहीं एनएसएस समन्वयक सैयद साजिद परवेज़ ने स्वयंसेवकों के उत्साह, अनुशासन एवं सेवा-भाव की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार समाजोपयोगी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
यह रक्तदान शिविर राष्ट्रीय सेवा योजना के मूल मंत्र “Not Me, But You” (स्वयं से पहले आप) की भावना को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय पहल सिद्ध हुआ।

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